पल्लवी मेश्राम नागपुर शहर प्रतिनिधी
महाराष्ट्र संदेश न्युज ! ऑनलाईन नागपुर:- लोगों के घरों मे बिजली पहुंचती हो या न पहुंचती हो मगर बिजली विभाग में भ्रष्टाचार की लाइन में लगातार करंट दौड़ता रहता है। बिजली विभाग में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले ऊपर तक पहुंचने के बावजूद आखिर इन अधिकारीओ पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
आए दिन सरकारी कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार की खबरे और कर्मचारी बिकते हुए नजर आते है ऐसा ही एक मामला हमारे ऑटोमोटिव स्थित महावितरण का सामने आया है । बताया जा रहा है शैलेन्द्र जयदेव काले ने महावितरण मैं एप्लीकेशन फॉर्म जमा किया था। शैलेन्द्र का घर यह टेकानाका सिद्धार्थ नगर मैं है प्लॉट न, 210 हैं ये घर उनके पिताजी के नाम पे था 2017 मैं पिता जीने दोनो बेटो के नाम ये घर कर के दिया था । बटवारा होने के कारण दोनो भाई अलग अलग घर मैं रहते है जिसका आखिव पत्रिका मैं 210/A, 210/B ऐसा हुआ है । शैलेन्द्र और उसका बड़ा भाई दोनो का आए दिन बिजली बिल के लिए झगड़ा होते रहता है । जिसके परिणाम स्वरूप उन्होंने अलग मीटर लगाने के लिए आवेदन किया अनेकों दिन हो गए मगर मीटर नही लगा।
आवेदन करने के बाद भी मीटर नहीं लगने पर अधिकारी द्वारा पूछताछ मैं पहले मीटर नही होने की जानकारी दी बाद मैं पैसों को लेकर डिमांड करने लगे ।ऐसे मैं गरीब जनता को सरकारी अधिकारी द्वारा दबाव डाला जा रहा है । ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों का जल्दी होंगा पडदा फाश।
और माहावितरण जो एक दिन मे मीटर लगाने का दावा करती हैं लेकिन उसके ये भ्रस्ट अधिकारी स्वम् को आर्थिक फायदा पहुँचने के लिए आम जनता को महीनों मीटर के लिए परेशान तो करते ही है साथ ही ऑफिस के चक्कर भी लगवाते है ऐसे अधिकारी को तुरंत पद से निकल देना चाहिए अशी माग आसपड़ोंस में रहने वाले नागरिकोंने की।
आपल्या परिसरातील बातम्या करीता आजच संपर्क साधावा प्रशांत जगताप संपादक 9766445348/7385445348

