हनिशा दुधे चंद्रपूर उपजिल्हा प्रतिनिधी मो.9764268694
चंद्रपुर में भगवान श्रीराम के परम सखा गृहराज महाराज निषादराज की जयंती चंद्रपुर शहर के अष्टभुजा वार्ड स्थित नाना नानी गार्डन के सामने स्थित मैदान में अत्यंत हर्षोल्लास एवं श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर निषाद समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरे कार्यक्रम का वातावरण भक्ति एवं सामाजिक एकता से ओत-प्रोत रहा। कार्यक्रम की शुरुआत गृहराज महाराज निषादराज की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए समाज को एकजुट रहने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस अवसर पर समाज के बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों का सम्मान कर उन्हें शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। शिक्षारत बच्चों में स्कूल साहित्य वितरित किया गया, आयोजकों द्वारा समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मानित कर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विशेष रूप से नागपुर से कमलेश निषाद, सिकंदर कश्यप, बबलू केवट, विपिन कुंदारिया, रजत निषाद, बसंत कश्यप, माजरी से मानसिंह निषाद, देशराज मास्टर, बुधराज निषाद, राजेश केवट, कमलेश केवट, गयाप्रसाद केवट, राजकमल केवट, सुरेश केवट, कामताप्रसाद केवट, बल्लारपुर से केवट समाज के अध्यक्ष ओमप्रकाश निषाद, रामकृपाल निषाद, राजकुमार निषाद, सुरेश केवट, राजुरा, सास्ती एवं गढ़चांदूर सहित विभिन्न क्षेत्रों से निषाद समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। दूर-दूर से आए समाज बंधुओं की भागीदारी ने आयोजन को और अधिक भव्य बना दिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने निषादराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके त्याग, मित्रता और समर्पण की भावना को आज के समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में जागरूकता बढ़ती है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। अंत में आयोजकों ने बताया सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी तरह सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में हजारों निषाद, केवट, बाथव व कश्यप समाज बंधुओं ने अपनी उपस्थिति दर्शाई। कार्यक्रम की सफलता के लिए निषाद समाज जिला इकाई चंद्रपुर की प्रोफेसर आशा निषाद, पीतांबर कश्यप, विद्या निषाद, सूरज निषाद, रामकिशन निषाद,बाबूलाल निषाद, ज्वालाप्रसाद केवट, सत्यसेन निषाद, रूप मिलन निषाद, सुभाष निषाद, पवन बाथव, प्रथम निषाद, प्रीति निषाद, उषारानी निषाद, राजश्री निषाद, स्नेहा निषाद, ऊषा निषाद, अजय निषाद, शारदा निषाद, श्रीचंद्र निषाद, गोविंद निषाद, संजू निषाद आदि प्रयासरत रहे।
