हनिशा दुधे चंद्रपूर जिल्हा ग्रामीण प्रतिनिधि मोबा. 9764268694
महाराष्ट्र संदेश न्युज ! ऑनलाईन चंद्रपूर:- सास्ती कोयला खदान क्षेत्र में धोपताला परियोजना पीड़ितों के लिए नौकरियों का मार्ग नागपुर हायकोर्ट की न्याय व्यवस्था ने खुला किया है जिसके अन्तर्गत वैकोली के प्रतिबंध में फंसे 95 परियोजना पीड़ित थे परियोजना प्रभावित किसानों की लड़ाई को आखिरकार सफलता प्राप्त हुई है वेकोलि के बल्लारपुर क्षेत्र अंतर्गत धोपताला से सास्ती ओसी कोयला खदान के लिए 812 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इन किसानों को जमीन का मुआवजा दे दिया गया है। लेकिन पिछले एक साल से वेकोलि प्रबंधन ने परियोजना के ध्वस्त होने का हवाला देकर पीड़ितों को नौकरी देने से टालमटोल कर रखा था. हायकोर्ट का फैसला किसानों के पक्ष में आने से सास्टी गांव के मुख्य चौक में आतिशबाजी कर खुशी का इजहार करते हुए न्याय प्रणाली का किसानों ने आभार जताया है.
धोपातला से सास्ती ओसी सास्ती क्षेत्र में नई कोयला खदान चल रही है। इसके लिए मिट्टी और कोयला निकालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस खदान के लिए कोलगांव, सास्ती, मनोली, भड़ांगपुर (बाबापुर) परिसर के 812 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गयी है. इस जमीन का मुआवजा किसानों को दिया जा चुका है. लेकिन कुछ को नौकरी दे दी गई और 95 किसान टुकड़े-टुकड़े बंदी के कारण नौकरी देने में आनाकानी कर रहे थे, जिससे किसानों में काफी नाराजगी थी। सबसे पहले वेकोली ने सभी परियोजना पीड़ितों से नौकरी के लिए प्रस्ताव मांगे, जिसमें खंडित किसानों को जुर्माना भरने के लिए कहा गया, लेकिन अब कंपनी ने कुछ किसानों को अदालत से नोटिस भेजा है, जिससे परियोजना पीड़ित अत्यंत नाराज रहे।
साखरी, सास्ती, धोपाटला क्षेत्र के अनेक परियोजना पीड़ितों को नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ा जैसे ही अदालत ने मामले को खारिज कर दिया और राजस्व विभाग को आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया, इस काम में राजकुमार निषाद ने अथक परिश्रम किया साथ ही अन्य किसान भी शामिल हुए, नियमित रूप से पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर का मार्गदर्शन और सहयोग मिलने से इस कार्य में सफलता मिली है राजकुमार निषाद ने पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर का आभार माना है वेकोलि प्रबंधन ने जल्द से जल्द इस प्रलंबित मामले का निपटारा करना चाहिए.

