पल्लवी मेश्राम उपसंपादक नागपूर
महाराष्ट्र संदेश न्युज ! ऑनलाईन नागपुर:- शहर में बढ़ती ट्रकों की कतारों को देखते हुए शहर के 4 दिशाओं में स्मार्ट ट्रांसपोर्ट प्लाजा बनाने की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर से उठने लगी है।
नागपुर ट्रकर्स यूनिटी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए ट्रांसपोर्ट प्लाजा के आश्वासन को पूरा करने की मांग की है। अध्यक्ष कुक्कू मारवाह ने कहा कि शहर की सीमा पर ट्रकों की लगने वाली लंबी लंबी कतारों को देखते हुए ट्रांसपोर्ट के लिए सरकार को अब और विलंब नहीं करना चाहिए और अपने वादे को पूरा करना चाहिए। ट्रकों की कतारों की वजह से यातायात अस्त-व्यस्त होता है। शहर की चारों सीमा पर सड़क किनारे ट्रकों की लाइन लगती है.
नागपुर देश के हृदय स्थल में बसा होने के कारण चारों दिशाओं ने गुजरने वाले वाहन यहां से होकर गुजरते हैं। कई बार ट्रक चालक रात के समय सड़कों के किनारे अपने वाहन लगाकर आराम भी करते हैं। इसके चलते सड़कों के किनारे ट्रकों की लंबी-लंबी लाइन लग जाती है। यदि सरकार शहर की चारों सीमाओं पर 20-20 एकड़ में सर्व सुविधायुक्त ट्रांसपोर्ट प्लाजा का निर्माण करती है, तो इस तरह की समस्याएं ही समाप्त हो जाएगी और ट्रांसपोर्टरों को सुविधाजनक माहौल भी मिलेगा। सरकार को नागपुर की चारों सीमाओं में वर्धा रोड, वाडी रोड, कोराडी रोड़, पारडी रोड, कामठी रोड पर सर्व सुविधायुक्त ट्रांसपोर्ट प्लाजा का निर्माण कराना चाहिए।
डीजल के दाम बढ़ने से ट्रक मालिक परेशान: कुक्कू मारवाह ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय देश की रीढ़ की है, अगर यह कारोबार थम गया तो देश पर इसका असर पड़ेगा। ट्रक मालिक को समय पर माल नहीं मिलने से ट्रक मालिक परेशान हैं। डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं परंतु ट्रकों का भाड़ा कम हुआ है। माल नहीं मिलने से वे फाइनेंस कंपनियों को किस्त नहीं दे पा रहे हैं। ऊपर से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का सिलसिला लगातार जारी है। नागपुर ट्रकर्स यूनिटी की ओर से गांधीबाग स्थित कार्यालय में पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया। संस्था के अध्यक्ष कुक्कू मारवाह ने पदाधिकारियों से चर्चा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल के दाम जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की गई थी, पर पूरी नहीं की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम कम होने के बाद भी भाव ऊपर ही हैं। ट्रांसपोर्ट प्लाजा की व्यवस्था होगी, तो इससे सुविधा होगी और सड़कों पर खड़े ट्रकों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर भी विराम लगेगा।

