हनिशा दुधे, चंद्रपूर जिल्हा ग्रामीण प्रतिनिधि मोबा 9764268694
महाराष्ट्र संदेश न्युज / ऑनलाईन चंद्रपुर:- से मानवता को शर्मशार करने वाली खबर सामने आई है चंद्रपुर के गांधी चौक में एक 29 वर्षीय लड़की निर्वस्त्र घूमते देख महिलाएं शर्मशार होती रहती है किंतु कोई महिला हिम्मत करके उस लड़की को कपड़े पहनाने का प्रयास नहीं करती, वहीं मणिपुर घटना में जिले में हजारों महिलाओं ने रैली, मोर्चा व धरना प्रदर्शन आंदोलन कर केंद्र व राज्य सरकार को गालियां देती हुई फोटो व विडियों बनवाते नजर आईं है.
सोमवार को गांधी चौक परिसर में नग्न बैठी लड़की को जनवी मेंडरकर नामक महिला ने देख अपनी सहयोगी अन्य दो महिलाओं को बुलाकर उस मानसिक रूप से बिमार लड़की को कपड़े पहनाकर महिला होने का फर्ज निभाया है इस दौरान जानवी मेंदारकर फ्रेंड्स चैरिटी ग्रुप की अध्यक्ष सरिता मालू, सोनम मडावी ने उस लड़की के परिजनों की जानकारी लेनी चाही तो उसने बताया कि बड़ी बहन नांदगांव पोडे में रहती है और बड़ा भाई पुणे में रहता है लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है जिससे मानसिक रूप से बीमार रहती है मां का 6 साल पहले बीमारी के चलते स्वर्गवास हुआ था तब से लड़की दो मंजिला इमारत में अकेले ही रहती है।
इसकी मानसिक व माली हालत ठीक नहीं होने से घर की बिजली भी नहीं है रात में अकेली अंधेरे घर में रहने को मजबुर है बताया जाता है कि यह युवती पिछले 6 साल से अकेले रहती है ऐसे में आज विकृत मानसिकता के लोग छोटी छोटी बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाते रहते है तो यह युवती कितनी सुरक्षित है?, यह कह पाना मुश्किल होगा जबकि पुना से भाई द्वारा खर्च के रूप में बतौर पांच हजार रूपए हर महीने भेजे जाते है तो क्या इस निर्लज्ज भाई की जिम्मेदारी बहन को अपने साथ रखने की नहीं बनती?, पांच हज़ार प्रतिमाह भेजने से भाई अपनी जिम्मेदारी से मुक्त है बहन कि दयनीय अवस्था देखने की फुरसत नहीं है रिश्ते सिर्फ नाम के रह गए, नांदगांव में रहनेवाली बहन के घर इस लड़की को लेकर जाने के पश्चात बहन ने उसे अपने पास रखने से इंकार किया है ऐसी युवतियों को सुरक्षित रखने की मांग समाजसेविका सरिता मालू ने प्रशासन से किया है ।

आपल्या परिसरातील बातम्या करीता आजच संपर्क साधावा प्रशांत जगताप संपादक 9766445348/7385445348

